Saturday, November 27, 2021
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नशे के शिकार हो चुके हैं संजय, 1993 बम ब्लास्ट में आया था नाम

sanjay dutt in jail 1

संजय दत्त शुरुआत से ही सुपर हिट एक्टर की कतार में रहे हैं, उनकी फैन फॉलोविंग भी जबरदस्त रही है. लेकिन संजय का करियर लगातार विवादों में रहा. पहले नशे की लत ने संजय के करियर को तबाह किया, उसके 1993 मुंबई ब्लास्ट में संजय को हथियार रखने का दोषी पाया गया. और उन्हें जेल हुई. संजय इस दौरान कई बार जेल गए, लेकिन बाद में पूरी 5 साल की सजा काटने के बाद ही उन्हें इस दाग से छुटकारा मिला.

दरअसल, साल 1993 में 12 मार्च को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे. इसके पीछे कई बॉलीवुड हस्तियों का नाम भी सामने आया. संजय दत्त को अबू सलेम और रियाज़ सिद्दीक़ी से अवैध बंदूक़ों की डिलीवरी लेने, उन्हें रखने और फिर नष्ट करने का दोषी माना गया था.

परिवार को बचाने के लिए रखे थे हथियार

टाडा अदालत में पेश सबूतों के आधार पर ये हथियार उस जखीरे का हिस्सा थे, जिन्हें बम धमाकों और मुंबई पर हमले के दौरान इस्तेमाल किया जाना था. हालांकि संजय ने अदालत को दिए अपने बयान में कहा था, “मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित था. इन हथियारों को रखने का यही कारण था. मैं घबरा गया था और कुछ लोगों के कहने में आकर मैंने ऐसा किया.” 1993 वो वक़्त था जब संजय ‘थानेदार’, ‘सड़क’, ‘साजन’ और ‘खलनायक’ जैसी फ़िल्मों से सुपरस्टार बन चुके थे.

कई बार गए जेल

sanjay dutt in jail for bomb blast

संजय दत्त को पहले 1993 अप्रैल में गिरफ़्तार किया गया और फिर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 1995 में बेल पर रिहा किया लेकिन दो ही महीने बाद दिसंबर 1995 में उन्हें फिर गिरफ़्तार कर लिया गया. उनके पिता सुनील दत्त के उनकी रिहाई की बहुत कोशिश की. कई और जाने-माने लोगों ने, जिनमें समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह, शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे और कई बॉलीवुड नेताओं ने उनके पक्ष में बयान दिए. बहरहाल लंबी क़ानूनी जद्दोजहद के बाद 1997 में उन्हें फिर ज़मानत मिली.

पिता के साथ तय किया लंबा सफर

sanjay dutt with sunil dutt

लेकिन 2 साल का यह समय लंबा था और इस दौरान संजय ने करियर और पिता सुनील दत्त ने राजनीति में काफ़ी कुछ खो दिया. संजय के केस की सुनवाई अब साल 2006 में होनी थी. साल 1997 से 2006 के बीच संजय ने कई बड़ी फ़िल्मों में काम किया. इनमें ‘दुश्मन’, ‘वास्तव’, ‘कांटे’, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ और ‘परिणीता’ जैसी फ़िल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की पहली पंक्ति में पहुँचा दिया.

जेल में काटी सज़ा

31 जुलाई, 2007 को जब टाडा कोर्ट ने अभिनेता संजय दत्त को छह साल की सज़ा सुनाई, तो उन्होंने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने की दलील दी. लेकिन इसके बावजूद अदालत ने उन्हें दोषी क़रार दिया. इसके बाद संजय दत्त का जेल जाने और आने का ऐसा सफ़र शुरू हुआ, जिसकी आलोचना सभी जगह हुई. 31 जुलाई को सज़ा सुनाए जाने के बाद संजय दत्त साल 2007 में दो बार जेल से ज़मानत पर बाहर आए और वापस गए. यह सिलसिला तब थमा, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम ज़मानत दे दी.

सज़ा काट चुके हैं संजय

2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संजय ने अपनी पूरी सजा काटी. और 2016 में बाहर आए. अब संजय दत्त अपनी पूरी सजा काट चुके हैं.

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