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टीवी सेलिबेट्स बोले क्यों है क्रिसमस महत्वपूर्ण!

क्रिसमस’ ईसाइयों का प्रसिद्द त्यौहार है। यह 25 दिसंबर को प्रति वर्ष सम्पूर्ण विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। क्रिसमस का त्यौहार पर टीवी सेलिबेट्स बोले  क्यों है क्रिसमस महत्वपूर्ण!

कुणाल जयसिंह::: क्रिसमस एक बड़ा त्योहार है जिसे लोगों द्वारा ठंड के मौसम में मनाया जाता है। इस उत्सव को लोग बहुत उत्साह और ढ़ेर सारी तैयारीयों तथा सजावट के साथ मनाते है। ये हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है। इसे ईसा के भोज दिवस के रुप में भी जाना जाता है तथा प्रभु ईसा के जन्मदिवस के सम्मान में मनाया जाता है। लोगों के लिये ये एक बड़े महत्व का दिन है। मैं क्रिसमस पर केक खाने का आनंद लेता हूं! मुझे अपने घर को सजाता हूं!

देवोलीना भट्टाचार्य::: जीसस क्राइस्ट एक महान व्यक्ति थे और उन्होंने समाज को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने दुनिया के लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया था। इन्हें ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। क्रिसमस के दिन लोग अपने घर को भलीभांति सजाते हैं। बाजारों की रौनक बढ़ जाती है। घर और बाजार रंगीन रोशनियों से जगमगा उठते हैं।एक-दूसरे को उपहार देते हैं। इस दिन आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। इस त्योहार में केक का विशेष महत्व है। मीठे, मनमोहन केक काटकर खिलाने का रिवाज बहुत पुराना है। लोग एक-दूसरे को केक खिलाकर पर्व की बधाई देते हैं। सांताक्लाज का रूप धरकर व्यक्ति बच्चों को टॉफियां-उपहार आदि बांटता है। ऐसा कहा जाता है कि सांताक्लाज स्वर्ग से आता है और लोगों को मनचाही चीजें उपहार के तौर पर देकर जाता है। क्रिसमस मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है|

शुभांगी अत्रे::: लोग हर साल 25 दिसंबर के दिन क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं। क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। क्रिसमस सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार है, इस कारण इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है। कई जगह क्रिसमस के दिन मसीह समाज द्वारा जुलूस निकाला जाता है। जिसमें प्रभु यीशु मसीह की झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं। कई जगह क्रिसमस की पूर्व रात्रि, गि‍रिजाघरों में रात्रिकालीन प्रार्थना सभा की जाती है जो रात के 12 बजे तक चलती है। ठीक 12 बजे लोग अपने प्रियजनों को क्रिसमस की बधाइयां देते हैं और खुशियां मनाते हैं। क्रिसमस की सुबह गि‍रिजाघरों में‍ विशेष प्रार्थना सभा होती है। सांताक्लॉज बच्चों को चॉकलेट्स और गिफ्ट्स देते हैं। इस दिन मे भी चर्च में मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना करते हैं।

सुयश राय::: क्रिसमस एक महत्वपूर्ण त्योहार है! ये प्रभु ईशु के जन्मदिवस पर मनाय जाता है। पारिवारिक सदस्यों में सभी को सांता क्लाज़ के द्वारा क्रिसमस की मध्यरात्रि में उपहार बाँटने की बड़ी परंपरा है। सांता रात के समय सभी के घरों में जाकर उनको उपहार बाँटता है खासतौर से बच्चों को वो मजाकिया उपहार देता है। इस पर्व में मिठाई, चौकोलेट, ग्रीटींग कार्ड, क्रिसमस पेड़, सजावटी वस्तुएँ आदि भी पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदार और पड़ोसियों को देने की परंपरा है। मे पूरे जूनून के साथ महीने के शुरुआत में ही इसकी तैयारीयों में जुट जाता हूँ। इस दिन को लोग गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर, अपने प्रियजनों से मिलकर मनाते है।

मनीष गोपलानी::: हर्ष और खुशी का एक बड़ा उत्सव है क्रिसमस। ये प्रभु ईशु के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन को क्रिसमस डे के रुप में प्रभु ईशु को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिये मनाया जाता है। क्रिसमस में पूरे दिन लोग नाचना, गाना, पार्टी मनाना और घर के बाहर डिनर करके खुशी मनाते है। इसे सभी धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है। इस दिन मे खूब मस्ती करता हूँ। सभी एक-दूसरे को “मैरी क्रिसमस” कहकर बधाईयाँ देते है तथा एक-दूसरे के घर जाकर उपहार देते है।आकर्षक दिखने के लिये बाजारों को भी सजाया जाता है और हम देख सकते है कि बाजार क्रिसमस कार्ड, सुंदर ग्लासेज़, उपहार, सीनरी, खिलौने आदि से भर जाता है। लोग अपने घरों के बीच में क्रिसमस के पेड़ को सजाते है और उसको ढ़ेर सारे उपहार जैसे कि चौकोलेट, कैंडिज़, गुब्बारे, गुड़ीया, चिड़ीया, फूल, लाइटें आदि से इसे चमकदार और सुंदर बनाते है।

माहिका शर्मा ::: क्रिसमस एक बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है! इसे खुशी, हर्ष और जोश के साथ मनाया जाता है। मिठाई, चॉकलेट, ग्रीटिंग कार्ड, क्रिसमस पेड़ों, सजावटी चीजें, आदि परिवार के सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के लिए जैसे उपहार देने की परंपरा है। लोग बड़े जोश के साथ इस महीने की शुरुआत में की तैयारी शुरू करते हैं। हर कोई गायन, नृत्य, पार्टी, और एक दूसरे के साथ बैठक करके एक क्रिसमस की छुट्टी का आनंद लें। ईसाई ईसाई धर्म, यीशु मसीह के संस्थापक की जयंती पर इस त्योहार को मनाते हैं। लोगों का मानना है कि यीशु मसीह पृथ्वी पर भेजा गया था मानव जाति को बचाने के लिए।

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