बॉलीवुड के इन बापूओं ने अपने बच्चों को सिखाया बाहर की दुनिया से लड़ने का हुनर

Bollywood Parents
Bollywood Parents

अक्सर पिता की सख्त मिजाजी बच्चों के पसंद नही आती लेकिन कभी-कभी यही सख्ती बच्चों को सही राह पर चलना भी सिखा देती हैं.वैसे तो बॉलीवुड की फिल्मों में पिता के किरदार को कम तव्वजो दी जाती हैं लेकिन इसके बिना हर फिल्म अधूरी हैं.तो वहीं हिंदी फिल्में ऐसी होती हैं जिसमें आपको हर तरह के बाप के रोल देखने को मिलेंगें- खडूस डैड, संस्कारी बाप, स्पोर्टिव डैड,कूल डैड. तो वहीं बॉलीवुड में ऐसे कई डैड हैं जिन्होने बाहर से कड़क रहकर अपने बच्चों को बाहर दुनिया से लडने का हुनर सिखाया.

सलीम खान

मशहूर लेखक सलीम खान अपने दंबग सल्लू मियां के पिता जी हैं वैसे तो सलमान दिखने में जितने सीधे लगते हैं उतने ही वो बिगड़ैल हैं लेकिन उनको समय समय उनके पापा सलीम डांटते फटकारते रहते जिस वजह से वो आज भी अपने पप्पा के सामने बोलने से हिचकिचाते  हैं.

Salim Khan with Helen

आमिर खान

बॉलीवुड में बापू हानिकारक है रह चुके आमिर रीयल लाइफ में भी अपने बेटे के साथ बेहद सख्ती से पेश आते हैं.एक इंटरव्यू में आमिर ने इस बात पर खुलासा किया कि वो जुनैद को स्कूल जाने के लिए कार नहीं बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेने के लिए कहते हैं और तो औऱ उनके बेटे जुनैद भी उनकी इस बात को मानने के साथ-साथ उनकी हर एख बात मानते हैं.

अनिल कपूर

इस बात में कोई दो राय नही कि एक बेटी का सबसे अच्छा दोस्त उसका पिता होता हैं.इस बात को सटीकता पर उतारने के लिए बालीवुड में अनिल कपूर –सोनम कपूर जैसे बाप बेटी का रिश्ता खरा उतरता हैं.दरअसल सोनम कपूर के करियर के लिए अनिल कपूर ने कभी किसी को अप्रोच नही किया क्योंकि उन्हें अपनी बेटी की काबिलियत पर ज्यादा भरोसा था.औऱ इसी विश्वास की वजह से जब सोनम को नीरजा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तो अनिल कपूर खुशी के मारे नही समा रहे थे.

जैकी श्रॉफ

वैसे तो जैकी श्रॉफ ने अपने समय में खूब मस्ती की हैं लेकिन उन्होनें अपने बच्चों को काफी सख्ती से पालते हुए उन्हें हर चीज में काबिल बनाया हैं.फिर चाहे वो बात टाइगर की फिजिकल लेवल की हो या डांसिंग की.

jackie shroff tiger shroff

 

जावेद अख्तर

जावेद अख्तर को आज भी इस बात की कमी खलती हैं कि उनके बेटे फरहान अख्तर औऱ बेटी जोया अख्तर मादरी जुबान नही सीख पाएं लेकिन फिर भी दोनों पिता की बताई बातों पर चलते हैं. वैसे भाषा को थोड़ा किनारा कर दिया जाएं तो दोनों अंग्रेजी में अच्छी कविताएं लिखते हैं.

Manoj L

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