Monday, December 6, 2021
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सेक्सिज़्म को बढ़ावा देती हिंदी फ़िल्में

हिंदी फ़िल्मों में हिरोइन या लड़की को हमेशा अबला, लाचार दिखाया गया है तो हीरो को ताक़तवर, मज़बूत. लड़की हमेशा मुसीबत में होगी और उसे आज़ाद कराने का ज़िम्मा होता है हीरो का. ऐसी कुछ फ़िल्मों पर नज़र डालते हैं.

रांझना : इस फ़िल्म में हीरो हिरोइन का पीछा करके उसे हासिल करने की कोशिश करता है. जब हिरोइन उसे बताती है कि वो उससे नहीं किसी और से प्यार करती है तो वो स्कूटर को नदी में डुबाने की कोशिश करता है. मतलब साफ़ है, तुम मेरी नहीं तो किसी की नहीं हो सकती.Raanjhanaa

मर्द : इस फ़िल्म में ही था वो बेसिरपैर का डायलॉग- ‘मर्द को दर्द नहीं होता’.  मतलब अगर लड़के को बेरहमी से मारा पीटा जाए तब भी उसे दर्द नहीं होगा ?

Mard Movie
Mard Movie

बेनाम बादशाह : इस फ़िल्म में रेप पीड़ित की शादी उसी के रेपिस्ट से कर दी जाती है. हिंदी फ़िल्मों ने रेप जैसे विषय को हमेशा ही बुरी तरह से पेश किया है और ये फ़िल्म भी उसी चलन का हिस्सा है.

Benaam Badsha Movie
Benaam Badsha Movie

ख़ानदान : इस फ़िल्म में वही घिसी पिटी सोच का मुज़ाहिरा किया गया था कि पति ही परमेश्वर होता है. पत्नी का धर्म है कि वो अपने पति की पूजा करे.

Khandan movie
Khandan movie

मालामाल : इस फ़िल्म में नसीरुद्दीन शाह और सतीश शाह जैसे दिग्गज एक्टर्स थे इसके बावजूद भी फ़िल्म में लड़की को छेड़ने की हरकतों को वाजिब ठहराया गया है.

Maalamaal Movie
Maalamaal Movie

दबंग 2 : सलमान ख़ान की फ़िल्म के आइटम नंबर में लड़कियों को बेहद भद्दे तरीक़े से पेश किया गया था. ‘मैं तो तंदूरी मुर्गी हूं यार गटका ले सैंया एल्कोहॉल से’ जैसी बेहद घटिया लाइनों से भरा पड़ा था आइटम नंबर.

Dabangg 2
Dabangg 2

कल हो ना हो : शाहरुख़ ख़ान की बेहतरीन फ़िल्मों में शुमार है ये फ़िल्म लेकिन इसमें भी हिरोइन को पटाने के लिए हीरो अपने दोस्त के साथ कुछ नुस्ख़े अपनाता है. जैसे हिरोइन एक जीती जागती लड़की ना होकर कोई बीमारी हो जिसे इन नुस्ख़ों को अपनाकर ठीक किया जा सके.

Salman Rejected Kal Ho Na Ho
Salman Rejected Kal Ho Na Ho

वॉन्टेड : इस फ़िल्म में सलमान ख़ान ये बताते दिखे कि लड़कियों को सिर्फ़ पैसों से प्यार होता है और किसी दूसरी चीज़ से मतलब नहीं होता.

मैं तेरा हीरो : इस फ़िल्म में कई ऐसे मुद्दों से हंसी लाने की कोशिश की गई जो अपराध के दायरे में आते हैं, जैसे लड़की को छेड़ना, उसके साथ ज़बरदस्ती करना, उनपर टीका टिप्पणी करना.Main Tera Hero Movie review

जब वी मेट : करीना कपूर की ये सबसे अच्छी फ़िल्म मानी जाती है लेकिन इस फ़िल्म में भी सेक्सिज़्म जैसी चीज़ों को बढ़ावा दिया गया जैसे कि ये डायलॉग- ‘अकेली लड़की खुली तिजोरी की तरह होती है’.

Jab We Met
Jab We Met
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