Saturday, November 27, 2021
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पद्मावत देखने वालों की सुरक्षा में लगी पुलिस

Padmavati Movie

निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को देश के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है. शूटिंग के वक़्त से ही विवादों में घिरी इस फिल्म के मुश्किलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. वहीं पद्मावत को लेकर अब प्रशासन भी सुरक्षा इंतज़ामों के लिए मुस्तैद हो गया है. दरअसल, प्रशासन दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा के इंतज़ामों को लेकर कोई ढील नहीं बरतना चाहता.

ये तो सभी जानते हैं कि पद्मावत को लेकर राजपूत समाज में भारी ग़ुस्सा है. जिसके चलते निर्देशक संजय लीला भंसाली पर प्रदर्शनकारियों का ग़ुस्सा शूटिंग के समय से ही थमने का नाम नहीं ले रहा है.इसे गुस्से के चलते भंसाली ने फिल्म के कई बड़े बदलाव किए इतना ही नहीं फिल्म का नाम तक बदल दिया गया. कोर्ट के चक्कर और कई मुकद्दमों जैसी तमाम कोशिशों के बाद अब जाकर फिल्म को रिलीज़ डेट नसीब हुई लेकिन विवादों से घिरी इस फिल्म को दर्शक कैसे मिलेंगे ये कहना मुश्किल होगा. दरअसल, करणी सेना के डर से फिल्म के दर्शकों को पुलिस प्रोटेक्शन दिए जाने की बात हुई है.

हां ये सच है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से फिल्म को रिलीज़ के लिए मिली हरी झंडी के बाद अब पद्मावत के दर्शकों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों पर आ गई है. दरअसल, कोर्ट ने साफ़ निर्देश दिया था कि ‘सुरक्षा देना कोर्ट की नहीं राज्य की ज़िम्मेदारी है.’ जिसके बाद प्रशासन ने जिम्मा संभाल लिया है. गणतंत्र दिवस और पद्मावत की रिलीज़ को देखते हुए मॉल और सिनेमाघरो के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सिनेमाघरों के पास चप्पे चप्पे पर पुलिस मौजूद है. ऐसे में करणी सेना की ओर से कोई अप्रिय घटना होने की कोई संभावना नहीं है. अब तो केवल इंतज़ार है 25 जनवरी का जब दर्शक आख़िरकार इस फिल्म को देख सही सलामत अपने घर वापस लौट जाएंगे.

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उल्लेखनीय है कि पद्मावत फिल्म को लेकर देश के राजपूत समाज में भारी रोष है। जिसके चलते निर्देशक को न केवल फिल्म में कई बदलाव करने पड़े बल्कि उसका नाम भी बदलना पड़ा पहले पद्मावती था जिसे पद्मावत कर दिया पर उसके बावजूद कई प्रदेशों में इस फिल्म के प्रसारण पर सरकारों द्वारा रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया जहां से फिल्म को हर राज्य में दिखाए जाने के आदेश दिए गए।

जिसके बाद निर्देशक द्वारा फिल्म के रीलिज होने की तिथि 24 जनवरी घोषित किए जाते ही फिर से राजपूत समाज के लोग आक्रोशित हो गए तथा रविवार को तीनों मल्टीपलैक्स जीटी रोड यूनिटी वन माल में चल रहे पीवीआर सिनेमा, सेक्टर 11 के एंजल प्राइम माल के पीके सिनेमा तथा सेक्टर 25 स्थित मित्तल मेगा माल में चल रहे फन सिनेमा में पहुंचकर सिनेमा संचालकों को लिखित में फिल्म न चलाए जाने की प्रार्थना व मौखिक रूप से फिल्म चलाए जाने पर माहौल खराह हो जाने की चेतावनी भी दी थी।

जिसके बाद लग रहा था यहां पर यह फिल्म नहीं चलेगी। सोमवार को तीनों मॉलों में पुलिस बल नए सिरे से तैनात किया गया। एसडीएम विवेक चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी और जिन सिनेमा घरों में फिल्म का प्रसारण किया जाएगा वहां पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएंगे।

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